आरपीएफ ने ट्रेन में छापा मारकर मानव तस्करी गिरोह का किया भांडाफोड़, छुड़ाए 16 बच्चे


पूर्वांचल के गावोंं के गरीब घर के बच्चों को कर्नाटक में काम-धंधा दिलाने के बहाने मानव तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

लखनऊ. पूर्वांचल के गावोंं के गरीब घर के बच्चों को कर्नाटक में काम-धंधा दिलाने के बहाने मानव तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल ने स्पेशल ट्रेन में छापा मारकर 16 नाबालिग बच्चों को छुड़ाया। बच्चों को ले जा रहे तीन मानव तस्करों को भी आरपीएफ ने मौके से गिरफ्तार किया है। ये सभी बच्चे पूर्वांचल के अलग-अलग गांवों के हैं। वहीं 12 से 15 साल की उम्र के इन बच्चों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।

आरपीएफ ने की कार्रवाई

आरपीएफ इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच अमित कुमार राय के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि स्पेशल ट्रेन (01804) से एक गिरोह कुछ नाबालिग बच्चों को काम दिलाने के बहाने कर्नाटक ले जा रहा है। इस पर आरपीएफ की टीम तुरंत एक्टिव हुई और उसने लखनऊ जंक्शन पर खड़ी इस ट्रेन में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस को देखते ही तीन तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मौके से ही दबोच लिया गया। पकड़े गये तीनों तस्करों की पहचान श्रावस्ती सोनवा निवासी रफी अहमद, बलरामपुर गगरहवा के अब्दुल वाहिद और श्रावस्ती भंगहा बाजार के अनवर अहमद के रूप में हुई। पकड़े गए इन लोगों ने बताया कि बच्चों को वह लोग गैरकानूनी तरीके से झांसी ले जा रहे थे। झांसी से ट्रेन बदलकर इन्हें आगे कर्नाटक लेकर जाना था।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर इन बच्चों ने बताया कि वह लोग बहुत गरीब हैं और उनके घर वालों ने इनके साथ जाने के लिए कहा था। उन्हें यह नहीं मालूम कि ये लोग कहां और किस लिये ले जा रहे थे। बच्चों को यह बताया गया था कि उन्हें वहां कुछ काम करना होगा और इसके लिये उन्हें काफी पैसे मिलेंगे। जिसके बाद घर वालों के समझाने पर बच्चे वहां जाने को राजी हो गये थे। वहीं आरपीएफ ने इस मामले में कर्नाटक पुलिस को सूचना दे दी है, ताकि पता चल सके कि ये गिरोह बच्चों से क्या काम करवाता है और इसके तार कर्नाटक में किन लोगों से जुड़े हैं। पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि ये लोग पहले और कहां-कहां से बच्चों को ले जा चुके हैं। जिससे उन बच्चों की भी शिनाख्त करके उन्हें सुरक्षित उनके घर वालों के पास पहुंचाया जा सके।









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