उत्तरकाशी: सड़क नहीं थी तो गर्भवती को पांच किमी चारपाई पर ले गए अस्पताल, महिला और  गर्भस्थ शिशु की मौत


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उतराखंड के उत्तरकाशी में सड़क और स्वास्थ्य सुविधा के अभाव ने मोरी प्रखंड के देवती गांव की एक गर्भवती महिला व उसके गर्भस्थ शिशु की जान ले ली। परिजन गर्भवती को पांच किमी पैदल चारपाई में लिटाकर अस्पताल ले गए, लेकिन वहां से भी उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे हायर सेंटर ले जा ही रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ‘

मोरी प्रखंड के देवती गांव निवासी अनिल की 21 वर्षीय पत्नी किरन को बीते मंगलवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। गांव सड़क से पांच किमी दुर्गम पैदल दूरी पर होने के कारण परिजन बुधवार तड़के उसे चारपाई पर लिटा कर ठडियार लाए।

यहां एएनएम सेंटर बंद होने के कारण परिजन उसे 18 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूणी लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया।

त्यूणी से देहरादून करीब 170 किमी दूर होने की वजह से परिजन उसे 46 किमी दूर हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू ले जा रहे थे, लेकिन आराकोट के पास गर्भवती ने दम तोड़ दिया। क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधाओं की बदहाली के कारण यह घटना होने से क्षेत्र के लोगों में रोष है।

मोरी निवासी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री राजेंद्र रावत ने बताया कि मोरी प्रखंड के अधिकांश गांवों तक सड़क नहीं पहुंच है। ठडियार से देवती गांव पांच किमी की खड़ी चढ़ाई वाली दुर्गम पैदल दूरी पर स्थित है। गांव के लोग वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

खूनीगाड़-सरास मोटर मार्ग के आठ किमी से स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत वर्ष 2005 में देवती गांव के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी। जिसका सर्वे भी हो चुका है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते अभी तक सड़क का काम शुरू नहीं हुआ है। साथ ही क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक आदि स्टॉफ का भी अभाव बना हुआ है, जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

देवती गांव की गर्भवती महिला की मौत की सूचना तो मिली है, लेकिन परिजन उसे मोरी अस्पताल नहीं लाए थे। ठडियार में एएनएम नहीं होने के कारण गड्डूगाड़ स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। बुधवार को ठडियार स्वास्थ्य केंद्र में भी एएनएम तैनात कर दी गई है।

– डॉ. फराज, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मोरी उत्तरकाशी।

महिला को दो दिन से रक्तस्राव हो रहा था, जिससे शिशु की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी। महिला में खून की कमी होने के कारण उसे खून चढ़ाया जाना था, इसलिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था।

– नरेंद्र राणा, प्रभारी चिकित्साधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, त्यूणी

सार

  • पांच किमी पैदल अस्पताल पहुंचाने के बाद भी नहीं मिला इलाज, किया गया हायर सेंटर रेफर
  • गर्भवती ने हायर सेंटर हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू जाने से पहले ही तोड़ दिया दम

विस्तार

उतराखंड के उत्तरकाशी में सड़क और स्वास्थ्य सुविधा के अभाव ने मोरी प्रखंड के देवती गांव की एक गर्भवती महिला व उसके गर्भस्थ शिशु की जान ले ली। परिजन गर्भवती को पांच किमी पैदल चारपाई में लिटाकर अस्पताल ले गए, लेकिन वहां से भी उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे हायर सेंटर ले जा ही रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ‘

मोरी प्रखंड के देवती गांव निवासी अनिल की 21 वर्षीय पत्नी किरन को बीते मंगलवार की रात प्रसव पीड़ा हुई। गांव सड़क से पांच किमी दुर्गम पैदल दूरी पर होने के कारण परिजन बुधवार तड़के उसे चारपाई पर लिटा कर ठडियार लाए।

यहां एएनएम सेंटर बंद होने के कारण परिजन उसे 18 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूणी लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया।

त्यूणी से देहरादून करीब 170 किमी दूर होने की वजह से परिजन उसे 46 किमी दूर हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू ले जा रहे थे, लेकिन आराकोट के पास गर्भवती ने दम तोड़ दिया। क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य आदि मूलभूत सुविधाओं की बदहाली के कारण यह घटना होने से क्षेत्र के लोगों में रोष है।


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