उत्तराखंड में पुलिस संभालेगी ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था, शासन ने निदेशालय को दिया 4.20 करोड़ का बजट


रुद्रेश कुमार, उत्तराखंड खबर, देहरादून

Updated Wed, 04 Nov 2020 12:09 PM IST



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प्रदेश में यातायात को पटरी पर लाने के लिए एक और बड़ा प्रयास सफल हुआ है। ट्रैफिक सिग्नलों को लगाने और रखरखाव के लिए ट्रैफिक निदेशालय को अलग से 4.20 करोड़ रुपये मिले हैं। अब से इन सिग्नलों की सारी जिम्मेदारी पुलिस विभाग की होगी। अब पुलिस इनके रखरखाव के लिए पत्राचार में समय बर्बाद नहीं करेगी। 

दरअसल, शहरों में ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था कहीं विकास प्राधिकरण के जिम्मे होती है तो कहीं नगर निगम इनका रखरखाव करता है। ऐसे में यदि एक बार सिग्नल खराब हुआ तो इन्हें सही होने में सप्ताह से महीनों तक का समय लग जाता है। इसके लिए पुलिस पहले संबंधित विभाग को पत्र लिखती है। इसके बाद उसका जवाब आता है तब यदि सब कुछ ठीक रहा तो लाइट ठीक की जाती है।  

यातायात निदेशालय ने पिछले साल इसकी कवायद शुरू की थी कि इस मद में उन्हें कुछ बजट दिया जाए। साथ ही यह सारी व्यवस्था पुलिस को सौंपी जाए। यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए 4.20 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। इस बजट को जल्द ही जिलों को जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी एजेंसी को हायर कर रखरखाव और ट्रैफिक सिग्नल लगवाने का काम शुरू किया जाएगा। 

पहाड़ के जिला मुख्यालयों और छोटे शहरों में ट्रैफिक सिग्नल लगे हुए हैं, लेकिन कई जगह इनकी और भी जरूरत महसूस की जा रही थी। निदेशक ने बताया कि अब पहाड़ी शहरों में ट्रैफिक सिग्नल जल्द लगवाए जाएंगे, ताकि यहां समय रहते यातायात स्थिति बिगड़ने से पहले संभाला जा सके। 

सीसीटीवी कैमरों का भी होगा रखरखाव 

इस बजट से चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का रखरखाव भी किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक ज्यादातर जगहों पर सीसीटीवी कैमरों के लिए कोई अलग से बजट न होने के कारण इनके मेंटेनेंस में भी वक्त लगता था, लेकिन इस बजट के आने के बाद पुलिस की यह दुश्वारी भी दूर हो जाएगी। 

खराब हैं कारगी चौक के ट्रैफिक सिग्नल 

दून शहर में भी लगभग 30 जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हुए हैं। पहले ये नगर निगम और एमडीडीए के अंतर्गत आती थी, लेकिन अब ज्यादातर जगहों पर स्मार्ट सिटी के तहत सिग्नल लाइटें लगाई गई हैं।

हालांकि, अब भी कई ऐसी जगहें हैं, जिनके जिम्मेदार अभी पुराने विभाग ही हैं। इनमें कारगी चौक भी प्रमुख है। यहां ट्रैफिक सिग्नल की लाइट काफी समय से खराब है। शहर का व्यस्ततम चौराहा होने के चलते यहां लोगों को जाम और बेतरतीब यातायात का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश में यातायात को पटरी पर लाने के लिए एक और बड़ा प्रयास सफल हुआ है। ट्रैफिक सिग्नलों को लगाने और रखरखाव के लिए ट्रैफिक निदेशालय को अलग से 4.20 करोड़ रुपये मिले हैं। अब से इन सिग्नलों की सारी जिम्मेदारी पुलिस विभाग की होगी। अब पुलिस इनके रखरखाव के लिए पत्राचार में समय बर्बाद नहीं करेगी। 

दरअसल, शहरों में ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था कहीं विकास प्राधिकरण के जिम्मे होती है तो कहीं नगर निगम इनका रखरखाव करता है। ऐसे में यदि एक बार सिग्नल खराब हुआ तो इन्हें सही होने में सप्ताह से महीनों तक का समय लग जाता है। इसके लिए पुलिस पहले संबंधित विभाग को पत्र लिखती है। इसके बाद उसका जवाब आता है तब यदि सब कुछ ठीक रहा तो लाइट ठीक की जाती है।  

यातायात निदेशालय ने पिछले साल इसकी कवायद शुरू की थी कि इस मद में उन्हें कुछ बजट दिया जाए। साथ ही यह सारी व्यवस्था पुलिस को सौंपी जाए। यातायात निदेशक केवल खुराना ने बताया कि शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए 4.20 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। इस बजट को जल्द ही जिलों को जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी एजेंसी को हायर कर रखरखाव और ट्रैफिक सिग्नल लगवाने का काम शुरू किया जाएगा। 


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