एक साल तक बिजली की दरों में वृद्धि नहीं करें: कुमारस्वामी


कहा, वृध्दि के लिए वर्तमान हालात अनुकूल नहीं

बेंगलूरु. जनता दल-एस के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (H D Kumaraswamy) ने बिजली की दरों में वृध्दि की आलोचना की है। उन्होंने राज्य सरकार से एक साल तक वृध्दि नहीं करने का अनुरोध किया है। कुमारस्वामी ने कहा कि कोविड-19 के चलते लोग गम्भीर आर्थिक हालात का सामना कर रहे हैं। लोगों का काम छिन गया है और वेतन में भी भारी कटौती हुई है। ऐसे में बिजली की दरों में वृध्दि को स्थगित करना उचित होगा।

औसतन लगभग 40 पैसे प्रति यूनिट की वृध्दि

सरकार से यह निर्णय वापस लेने अनुरोध करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि औसतन लगभग 40 पैसे प्रति यूनिट की वृध्दि से आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी। उत्तर कर्नाटक के कई जिलों में आई बाढ़ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन हालातों में मूल्य वृध्दि कतई जनता के हित में नहीं है।

मालूम हो कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (केइआरसी) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की औसत वृद्धि को मंजूरी दे दी। वृद्धि करीब 5.40 प्रतिशत है। उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है कि नई दरें अप्रेल के बजाय नवम्बर से प्रभावी होंगी।
बिजली आपूर्ति कंपनियों (इस्कॉम्स) ने प्रति यूनिट 1.26 रुपए बढ़ोतरी की मांग की थी। लेकिन, केइआरसी ने सभी श्रेणियों में 40 पैसे प्रति यूनिट की मंजूरी दी है। नई दरें 1 नवंबर 2020 से लागू होंगी।

यानी 1 नवम्बर के बाद आने वाली पहली मीटर रीडिंग से नई दरें प्रभावी होंगी। यद्यपि केइआरसी ने सभी बिजली आपूर्ति कंपनियों और हुक्केरी आरइसीएस के लिए दरों में समान रूप से बढ़ोतरी की है लेकिन बेस्कॉम एरिया में मामूली अंतर रहेगा।







.

Thanks to News Source by