कोरोना काल में रेलवे ने संभाला मोर्चा, पूरे यूपी में पहुंचाई 641 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टन की संजीवनी


शभर में लोग कोरोना (Corona Virus) की दूसरी लहर से परेशान हैं। जीवनरक्षक दवाइयों के साथ-साथ ऑक्सीजन की बड़ी मात्रा में कमी देखने को मिल रही है। इस बीच लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए रेलवे ने नेक पहल की शुरुआत की है।

लखनऊ. देशभर में लोग कोरोना (Corona Virus) की दूसरी लहर से परेशान हैं। जीवनरक्षक दवाइयों के साथ-साथ ऑक्सीजन की बड़ी मात्रा में कमी देखने को मिल रही है। इस बीच लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए रेलवे ने नेक पहल की शुरुआत की है। राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत को पूरा करने के लिए भारतीय रेल ने ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ की शुरुआत की है जिसके जरिये अब तक 2,067 टन मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाई जा चुकी है। इसमें उत्तर प्रदेश को दूसरे नंबर की बड़ी खेप 641 मेडिकल ऑक्सीजन मिली है। सबसे ज्यादा ऑक्सीजन 707 दिल्ली को मिला है। हर ऑक्सीजन एक्सप्रेस में करीब 16 टन ऑक्सीजन लदी होती है। यह ट्रेन करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है।

344 लिक्विड टन मेडिकल ऑक्सीजन विभिन्न टैंक ट्रेन मार्ग में

अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी न हो और लोगों तक सही समय पर ऑक्सीजन पहुंच जाए, इसके लिए भारतीय रेलवे ने यह पहल की है। ट्रेन के जरिये ऑक्सीजन टैंकर को लोड कर राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है। ट्रेन से कम समय में यह टैंकर पहुंच जाएंगे इसलिए इनकी आपूर्ति सड़क रास्ते से न करते हुए ऑक्सीजन एक्सप्रेस से भेजा जा रहा है। वर्तमान समय में 344 लिक्विड टन मेडिकल ऑक्सीजन से लदी विभिन्न टैंक ट्रेन मार्ग में हैं। इनकी आपूर्ति होनी है।

पूरी की 200 ऑक्सीजन एक्सप्रेस यात्रा

भारतीय रेलवे ने यूपी सहित अन्य राज्यों में ऑक्सीजन की सप्लाई के साथ ही अब तक 200 ऑक्सीजन एक्सप्रेस यात्रा पूरी कर ली है। वर्तमान समय में 45 टैंकरों में 784 एमटी तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) से भरी 10 ऑक्सीजन एक्सप्रेस गाड़ियां चल रही हैं। इसके अलावा आपूर्ति के लिए 300 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन अलग से है। रेल मंत्री के अनुसार, ‘’ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने भारत में कोरोना के रोगियों के लिए 20,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का मील का पत्थर पार कर लिया है। अब तक 300 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने राष्ट्र की सेवा में अपनी यात्रा पूरी की है।’’ ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा अब रोजाना 800 एमटी से अधिक एलएमओ देश के विभिन्न राज्यों में पहुंचाई जाएगी।

350 ऑक्‍सीजन प्‍लांट होंगे स्थापित

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों ने अक्टूबर तक कोरोना की तीसरी लहर के आने की संभावना जताई है। ऐसे में रेलवे द्वारा पहुंचाई जा रही ऑक्सीजन के अलावा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अन्य प्रयास भी कर रही है। यूपी सरकार ने अगले दो महीने में प्रदेश के सरकारी अस्‍पतालों में 350 ऑक्‍सीजन प्‍लांट (Oxygen Plant) स्‍थापित करने का लक्ष्‍य रखा है। इसके लिए सरकार ने बोली (नि‍विदा) आमंत्रित की हैं। इन सभी 350 ऑक्‍सीजन जेनरेशन प्‍लांट से संयुक्‍त रूप से तीन लाख लीटर प्रति मिनट ऑक्‍सीजन का उत्‍पादन किया जा सकेगा। यूपी सरकार ने जो बोली आमंत्रित की हैं, उसकी अंतिम तारीख 8 जून है। जो भी कंपनी प्लांट लगाएगी, उसे ऑक्सीजन सप्लाई के साथ-साथ 10 साल तक ऑक्सीजन प्लांट का संचालन भी सुनिश्चित करना होगा।

ये भी पढ़ें: कोरोना से बचाव के लिए राजनेताओं का सेवा कार्य, अमेठी में स्मृति-राहुल पहुंचा रहे मदद, रायबरेली से सोनिया गांधी ने बढ़ाए मदद के हाथ

ये भी पढ़ें: कोरोना काल में मालगाड़ी से सुधरी रेलवे की माली हालत, 196 करोड़ रुपये का फायदा

.

Thanks to News Source by