कोरोना पॉजिटिव होने वाली दुनिया की पहली महिला का सच आया सामने, अधिकारियों की गलती से चीन बेनकाब


चीनी अधिकारी द्वारा यह डिटेल एक मेडिकल जर्नल (Medical Journal) को भेजे दस्तावेजों में लीक हो गई। इन डाक्यूमेंट्स के आधार पर महिला की पहचान 61 साल की ‘पेशेंट सू’ (Patient Su) के रूप में हुई है, जो कि चीन के उस लैब के नजदीक रहती थी, जहां कोरोना वायरस को बनाने का दावा किया जाता रहा है।

बीजिंग। कोरोना वायरस कहां से फैला और कैसे पैदा हुआ, इसकी जांच अभी भी की जा रही है। लेकिन शुरूआती दौर से ही कोरोना को फैलाने का आरोप चीन पर लगता रहा है। इस संबंध में कई ऐसी खबरें भी सामने आ चुकी हैं, जिसमें दावा भी किया गया कि कोरोना वायरस चीन के लैब में तैयार किया गया है और जानबूझकर फैलाया गया है।

हालांकि, चीन हमेशा से अपने उपर लग रहे आरोपों को खारिज करता रहा है। पर अब एक बार फिर से एक ऐसी खबर सामने आई है जो चीन के झूठ का पर्दाफाश कर रहा है। दरअसल, कोरोना वायरस से सबसे पहले संक्रमित होने वाली महिला के नाम, पता और डिटेल्स लीक हो गया है। यह गलती चीन के एक अधिकारी द्वारा हुआ है। इस दस्तावेज से पता चलता है कि चीन द्वारा कोरोना की बात जाहिर करने से तीन हफ्ते पहले ही यह महिला कोरोना संक्रमित हो चुकी थी। ये महिला वुहान में रहती थी।

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चीनी अधिकारी द्वारा यह डिटेल एक मेडिकल जर्नल (Medical Journal) को भेजे दस्तावेजों में लीक हो गई। इन डाक्यूमेंट्स के आधार पर महिला की पहचान 61 साल की ‘पेशेंट सू’ (Patient Su) के रूप में हुई है, जो कि चीन के उस लैब के नजदीक रहती थी, जहां कोरोना वायरस को बनाने का दावा किया जाता रहा है।

इतना ही नही, इस दस्तावेज में यह भी सामने आया है कि यह महिला उसी रेल लाइन के नजदीक रहती थी, जहां से चीन में कोरोना वायरस को फैलने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। हालांक, इस तरह के दावे पहले भी किए गए हैं कि कोरोना वायरस चीन के वुहान स्थित एक लैब में तैयार किया गया है, लेकिन चीन इन सभी आरोपों को खारिज करता रहा है।

इस तरह हुआ खुलासा

आपको बता दें चीन कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी छुपाता रहा है। चीन ने कोरोना को लेकर कई अहम जानकारियां दुनिया के साथ साझा नहीं की है। चूंकि कोरोना का पहला मामला चीन के वुहान में पाया गया था, ऐसे में चीन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।

वुहान यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर यू चुन्हुआ (Yu Chuanhua) ने एक मेडिकल जर्नलिस्ट को दिए साक्षात्कार में खुलासा किया है कि फरवरी 2020 तक चीन में करीब 47 हजार लोग कोरोना की चपेट में आ चुके थे। सबसे बड़ी बात कि इनमें से एक महिला मरीज सितंबर 2019 में ही पॉजिटिव पाई गई थी। लेकिन इसके संबंध में कोई जानकारी नहीं है। महिला में कोरोना के ही लक्षण दिखाई दिए थे और फिर उनकी मौत हो गई।

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इस इंटरव्यू के कुछ स्क्रीनशॉट सामने आए हैं। चूंकि चीन में सोशल मीडिया पर सख्त पाबंदी होती है और सरकार की हर गतिविधि पर नजर होती है। ऐसे में इस तरह के स्क्रीनशॉट सामने आने अपने आप में बहुत मायने रखता है।

जो स्क्रीनशॉट सामने आया है, उसमें उस महिला मरीज का नाम, किस अस्पताल में भर्ती थी इसकी जानकारी है। इसके अलावा भी इसमें कई महत्वपूर्ण जानकारी है, लेकिन बाकी को ब्लर कर दिया गया है।

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