नेपाल ने भारत और चीन से मांगी कोरोना वैक्सीन, पत्र लिखकर किया आग्रह


भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) को पत्र लिखकर इस मामले में नेपाल की मदद करने की अपील की है।

नई दिल्ली। नेपाल (Nepal) की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी (Bidya Devi Bhandari) ने भारत और चीन से कोरोना वैक्सीन की मांग की है। उन्होंने दोनों देशों के समकक्षों को पत्र लिखकर निर्बाध रूप से कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। भंडारी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) को पत्र लिखकर इस मामले में नेपाल की मदद करने की अपील की है।

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भंडारी ने भारत की ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल और ‘कोवैक्स’ सुविधा के तहत वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है। नेपाल को दो जनवरी को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) से वैक्सीन की दस लाख डोज दी गईं थीं। वहीं सात मार्च को ‘कोवैक्स’ सुविधा के तहत कोविशील्ड वैक्सीन की 3,48,000 डोज दोबारा दी गईं। भंडारी के चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि नेपाल अपने लोगों के लिए चीन निर्मित वैक्सीन को खरीदने के लिए तैयार है।

चीन ने दीं 8 लाख डोज

चीन अब तक नेपाल को कोविड रोधी वैक्सीन की आठ लाख डोज दे चुका है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोवैक्स (COVAX) प्रबंधन की ओर से नेपाल को सलाह दी है कि वह कोई अन्य विकल्प तलाशे। घरेलू बाजार में वैक्सीन की डिमांड अधिक हो चुकी है। इसकी वजह से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया वैक्सीन का निर्यात नहीं हो रहा है।

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6 हजार से ज्यादा केस मिले

नेपाल में कोरोना वायरस के नए मामले बुधावर तक 6,714 तक पहुंच गए हैं। इससे यहां कुल मामलों की संख्या बढ़कर 535,525 तक पहुंच गई है। वहीं यहां वायरस की वजह से अभी तक कुल 6,700 लोगों की मौत हो गई है।

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