परिवहन निगमों को आय के अन्य विकल्पों की तलाश


विषम परिस्थितियों के चलते निगम अब आय के अन्य विकल्प टटोल रहे हैं

बेंगलूरु. लगातार लॉकडाउन के कारण राज्य के सभी परिवहन निगमों की कमर तोड़ दी है। अपने कर्मचारियों के वेतन के लिए भी निगम अब राज्य सरकार पर निर्भर हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों के चलते निगम अब आय के अन्य विकल्प टटोल रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री लक्ष्मण सवदी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी जिला तथा तहसील मुख्यालयों में सभी निगमों के बस स्टैंड के पास काफी जमीन उपलब्ध है। इसका वाणिज्यिक उपयोग किया जाएगा। खाली जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से निगमों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। निगम के ही कर्मचारियों से पेट्रोल पंप पर ड्यूटी कराने के कारण निगम पर कोई अतिरिक्त भार नहीं आएगा। चारों निगमों के प्रबंध निदेशकों को ऐसे स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। निगमों के माध्यम से राज्य में तथा पड़ासी राज्यों के चयनित शहरों तक कुरियर सेवा का भी विस्तार किया जाएगा।
कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक शिवयोगी कलसद के मुताबिक निगम ने 2 फरवरी वर्ष 2014 में किरायों में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था। सात वर्षों से वृद्धि नहीं होने के कारण निगम को इससे हो रही आय पर्याप्त नहीं है। निगम ने फिर किराया बढ़ाने का प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है। अनलॉक के बाद 50 फीसदी यात्रियों के साथ सेवा देने से निगम को और नुकसान होगा।







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