बढ़ाई गई मजदूरी से बुनकर नाखुश


नई मज़दूरी एक अप्रेल से आधिकारिक रूप से होगी लागू

बागलकोट. कर्नाटक राज्य हथकरघा निगम के तहत बुनने का कार्य कर रहे बुनकरों के लिए बढ़ाई गई मजदूरी के बारे में विधायक सिद्धू सवदी की ओर से जानकारी मिलते ही बुनकर समुदाय में असंतोष की लहर चल पड़ी है। बागलकोट जिले के रबकवि -बनहट्टी तालुक में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में केएचडीसी निगम के अध्यक्ष तथा विधायक सिद्धू सवदी ने कहा कि बुनकरों की ओर से बुने गए शर्ट तथा स्कर्ट की मजदूरी प्रत्येक के लिए तीन तथा दो रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है। नई मज़दूरी एक अप्रेल से आधिकारिक रूप से लागू होगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को न्यूनतम मजदूरी प्रतिमाह कम से कम दस हजार रुपए मिलनी चाहिए। बीते चार पांच सालों से 15 प्रतिशत तक प्रोत्साहन धन की प्राप्ति नहीं हुई है। बीते साल के बजट के दौरान अतिरिक्त प्रोत्साहन धन उपलब्ध करवाने की अपील मुख्यमंत्री से की गई थी। बजट के दौरान बुनकरों के लिए सुरक्षित रखे गए 15 करोड़ रुपए को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए करने की मांग रखे जाने के बावजूद भी कोई लाभ नहीं हुआ। राज्य के निगम क्षेत्र में कई भूखंड है। भूखंड गरीब बुनकरों को उपलब्ध करवाने का विचार है। राज्य के निगम क्षेत्र में उपलब्ध साइट यदि सरकार गरीब बुनकरों को उपलब्ध करवाएगी तो इससे निगम को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी। सवदी ने कहा कि सरकार की ओर से जारी संदेश के अनुसार सभी क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए कपड़े के.एच.डी.सी. निगम से ही खरीदने होंगे।
श्रमिक नाखुश
श्रमिकों ने मजदूरी में बढ़ोत्तरी 50 प्रतिशत के बजाय मात्र 10 प्रतिशत करने पर नाराजगी व्यक्त की। मजदूर नेता सिद्दप्पा गंवार तथा राजु हूगार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रोत्साहन धन उपलब्ध करवाने में विलंब न हो।

 



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