बेलगावी को महाराष्ट्र का हिस्सा बताने पर जताया कड़ा ऐतराज


– पवार के बयान पर फिर भड़का सीमा विवाद
– मुख्यमंत्री ने निंदा करते हुए कहा-बेवजह आग भड़का रहे पवार, रोका जाना चाहिए

बेंगलूरु. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के बेलगावी (Belgavi) को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद दोनों राज्यों के बीच दशकों से चला आ रहा विवाद फिर एक बार सामने आ गया है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने पवार के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

दरअसल, ताजा विवाद की शुरुआत तब हुई जब अजित पवार ने शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) की बरसी पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कर्नाटक के मराठी-भाषी इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करना उनका सपना था। इस दौरान उन्होंने बेलगावी के साथ-साथ कारवार और निप्पाणी को महाराष्ट्र का हिस्सा बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘हमें बाला साहेब के सपने को पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए।’

इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने कहा ‘मैं महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करता हूं। पूरी दुनिया को पता है कि महाजन समिति की रिपोर्ट अंतिम है। अब इस पर आग भड़काना गलत है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मराठी कन्नडिग़ाओं की तरह रह रहे हैं। वो हिंदुत्व को मानते हैं। बेलगावी में विश्व कन्नड़ सम्मेलन के दौरान मराठी बड़ी संख्या में शामिल हुए। फिर भी अजित पवार आग भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें इस तरह बोलने से रोका जाना चाहिए।

उधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने ट्वीट कर कहा कि ‘यह विवाद लंबे समय से चल रहा है और इस समय इसे उठा कर राज्य के लोगों को भड़काया जा रहा है।’ उन्होंने भी कहा किकिस तरह राज्य सरकार ने सीमावर्ती मराठी भाषियों के कल्याण से जुड़ी योजनाएं चलाती रही है।

गौरतलब है कि इस विवाद के हल के लिए महाजन समिति गठित की गई थी जिसने अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करते हुए कहा था कि बेलगावी कर्नाटक का हिस्सा है। कर्नाटक ने इसे स्वीकार कर लिया था, लेकिन महाराष्ट्र ने उसे खारिज कर दिया था।






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