भास्कर इंपैक्ट: खोरी के खेल में सख्त एक्शन शुरू, सरकारी जमीन को अपनी बताकर बेचने वाले अज्ञात भू-माफियाओं के खिलाफ दर्ज की गई तीन FIR


फरीदाबाद2 घंटे पहले

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अधिकारियों का दावा भू माफियाओं के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई। - Dainik Bhaskar

अधिकारियों का दावा भू माफियाओं के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई।

सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद अब प्रशासन नींद से जाग गया है। अधिकारियों ने खोरी के खेल में सख्त एक्शन करना शुरू कर दिया है। अरावली की पहाड़ी में नगर निगम की 150 एकड़ जमीन को अपनी बताकर गरीबों को बेचकर कमाई करने वाले भू माफियाओं के खिलाफ एक साथ तीन FIR दर्ज कराई गयी है। इनमें दो FIR खोरी के प्रभावित लोगों ने कराई है। जबकि एक नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर तोड़फोड़ जितेंद्र कुमार के द्वारा कराई गयी है।

इसके अलावा ज्वाइंट कमिश्नर ने खोरी कॉलोनी में बिजली व पानी की सप्लाई करने वाले माफियाओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की है। इस मामले को दैनिक भास्कर लगातार उठाता आ रहा है। 23 जून के अंक में भू माफिया द्वारा की गई पिटाई की खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित की है। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और पिटाई करने वाले के खिलाफ भी सूरजकुंड थाना पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। कहा जा रहा है कि जल्द ही और भी FIR दर्ज की जा सकती है। पुलिस सूत्रों की मानें तो खोरी कॉलोनी बसाने वाले करीब एक दर्जन भू माफिया पुलिस के रडार हैं। उनकी तलाश भी शुरू कर दी गई है।

पहली FIR: वकील ने बताया झूठे बने सारे कागजात

मूल रूप से यूपी के हाथरस जिला निवासी शकुंतला पत्नी भगवती प्रसाद ने सूरजकुंड थाने में दर्ज कराई FIR में कहा है कि करीब 30 साल पहले वह दिल्ली आई थी और संगम विहार दिल्ली मे किराये पर रही थी। करीब 20 साल मे किराये पर रह रही थी। इसके बाद भू माफिया राजदीप ने खोरी में प्लाट दिखाया। राजदीप का ऑफिस चुग्गी नम्बर 03 गांव खोरी मे था। वहां राजदीप और उसका साथी सलीम उल्ला बैठते थे। इन दोनों ने खोरी के विश्वकर्मा चौक पर 4 लाख रुपए में 60 गज का प्लाट दिया था। सलीम उल्ला ने जीपीए लाकर दे दी। एक साल बाद महिला ने मकान के कागजात एक वकील को दिखाये। वकील ने बताया कि सारे कागजात झूठे बने हैं। करीब 05 साल पहले राजदीप की मौत हो गई थी। इन दोनों ने धोखाधड़ी से 4 लाख रुपये लेकर झूठी पैसों की पर्ची दी है।

पिटाई करने वाले के खिलाफ भी FIR

यूपी के शाहजहांपुर निवासी छाया पत्नी राम अवतार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि वह विश्वकर्मा चौक गांव खोरी में रहती हैं। 2017 में विश्वकर्मा चौक के पास 50 गज का प्लाट 2 लाख में खरीदा था। प्रॉपर्टी डीलर ने एक फर्जी जीपीए तैयार कराकर दी थी। तीन दिन पहले अनंगपुर निवासी अड़कपाल का साला प्लाट पर आया और कहने लगा की इस प्लाट का मालिक कौन है। उन्होंने कहा कि इसका मालिक शाम को आएगा। इतना कहते ही तेजवीर ने थप्पड़ मारा और मां बहन की गालियां देने लगा। कहने लगा कि यहां पर उसकी मर्जी के बिना कोई एक ईंट भी नहीं लगा सकता। तुम तो मकान बना रहे हो। अगर यहां मकान बनाना है तो 20 हजार रुपए देने पड़ेंगे। एक हफ्ते बाद 5000 तेजवीर को दिए। फिर वह पैसे मांगने आया था। महिला का कहना है कि प्राॅपर्टी डीलर ने बेटे आकाश को गलत जमीन बेचकर गलत जीपीए दी है।

भू माफियाओं ने सरकारी जमीन बेचकर बसा दी पूरी कॉलोनी

भू माफियाओं ने सरकारी जमीन बेचकर बसा दी पूरी कॉलोनी

ज्वाइंट कमिश्नर ने भी दर्ज कराई FIR

सरकारी जमीन पर पूरी कॉलोनी बसाने के बाद लगातार अधिकारियों पर उठ रहे सवालों के बाद निगम अधिकारी हरकत में आए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 17 दिन बाद नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर तोड़फोड़ जितेंद्र कुमार ने निगम की 150 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग करने वाले 20 अज्ञात भू माफियाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है। इसके अलावा उन माफियाओं के खिलाफ भी केस दर्ज कराया जिन्होंने कॉलोनी में बगैर सरकार की अनुमति के बिजली और पानी की सप्लाई करनी शुरू कर दी। ज्वाइंट कमिश्नर ने भू माफियाओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, इलेक्टिसिटी एक्ट 2003 फारेस्ट एक्ट 1927, वाटर एक्ट 1974 के तहत केस दर्ज कराया है

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