मेरठ में मिला अनोखा शिवलिंग, जांच के लिए पहुंची एएसआई की टीम भी हैरान


मेरठ के जानीखुर्द क्षेत्र में शिवलिंग एक लिपि लिखी हुई है।
जांच के लिए दिल्ली और लखनऊ से पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची।
खबरों के अनुसार यह मंदिर 1500 साल पुराना है।

नई दिल्ली। अपने देश में बहुत से ऐसे मंदिर हैं जो चमत्कारी और रहस्यमई हैं। ये मंदिर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में काफी मशहूर है। इनके बारे में आपने कई बार पढ़ा और सुना होगा। इन मंदिरों के बारे में ऐसा कहा जाता है कि यहां पर पूजा और दर्शन करने से हर मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इन दिनों उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के एक शिव मंदिर काफी सुर्खियों में छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में कहा जा रहा है कि उस शिवलिंग पर कुछ लिखा हुआ है। खबरों के अनुसार यह शिवलिंग 15 साल से ज्यादा पुराना बताया जा रहा। इस शिवलिंग की सच्चाई जानने के लिए दिल्ली और लखनऊ से पुरातत्व विभाग की टीम वहां पर पहुंच चुकी है। इस शिवलिंग को देखकर वह भी हैरान रह गए।

कागज की अंकित की लिपि
इन दिनों उत्तर प्रदेश के मेरठ के जानीखुर्द क्षेत्र के रसूलपुर धौलड़ी गांव में एक शिवमंदिर आजकल खूब चर्चा में है। दिल्ली और लखनऊ की पुरातत्त्व विभाग की टीम इस शिविलिंग पर लिखी लिपि के अध्ययन में जुटी गई है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह शिवलिंग किस कालखंड का है। यहां पहुंची टीम ने इस शिवलिंग की सफाई केमिकल से करने के बाद इस पर अंकित लिपि की छाया कागज पर ली है।

 

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लिखित ऐतिहासिक स्रोतों की कई श्रेणियां
टीम ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन मेरठ में एएसआई के अधीक्षण पुरातत्त्वविद् डॉक्टर दिबिषद बी गणनायक ने बताया कि रिसर्च के बाद ही यह कहा जा सकता है कि ये किस काल का है। लेकिन इतना तो तय है कि यह बेहद प्राचीन है। इसकी पड़ताल करने के लिए मेरठ सर्किल की एएसआई टीम भी यहां जाएगी और अध्ययन करेगी। उन्होंने बताया कि एपिग्राफी शिलालेखों का एक संग्रह है। लिखित ऐतिहासिक स्रोतों की कई श्रेणियां हैं।

1500 साल पुराना है मंदिर
इस लिपि का का अध्ययन करने के लिए विशेष तौर पर टीम होती है। वही इसका अध्ययन कर बता पाएगी कि शिवलिंग पर अंकित लिपि कौन से काल की है। उन्होंने कहा कि पहली नजर में ऐसा अनुमान लगाया जा सकता है कि यह 1500 साल से भी ज्यादा पुराना हो सकता है।

छोटे छोटे अक्षरों में कुछ लिखा हुआ है
अधीक्षण पुरातत्त्वविद् का कहना है कि आमतौर पर कई बार ऐतिहासिक शिवलिंग मिले हैं, जिसपर ओम नम: शिवाय तक लिखा मिला है। लेकिन ऐसा पहली बार है जब किसी शिवलिंग पर छोटे-छोटे अक्षरों में कुछ लिखा हुआ है। अब सबकी जिज्ञासा इस बात को लेकर है कि आखिर इस शिवलिंग पर लिखा क्या है और इस शिवलिंग का क्या रहस्य है।









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