यूपी में काले गेहूं के दीवाने हो रहे किसान, लाखों का मुनाफा जानकर खिल जाएंगी आपकी बांछें


काला गेहूं कैंसर, शुगर, मोटापा, कोलेस्ट्रोल, दिल की बीमारी, तनाव आदि सहित 12 बीमारियों में फायदेमंद

लखनऊ. काला गेहूं नाम सुन कर चौंक गए होंगे। काले गेहूं की खेती आजकल किसानों के लिए आम गेहूं की खेती से तीन से चार गुना फायेदमंद है। काले गेहूं की खेती कर किसान खेत में ‘सोना’ उगा रहे हैं। पंजाब के बाद अब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में किसान काले गेहूं की खेती कर मोटी कमाई कर रहे हैं। बाजार में काला गेहूं 4,000 से 6,000 रुपए प्रति कुंतल की कीमत पर बिकता है। जबकि इस बार आम गेहूं की एमएसपी 1,975 रुपए प्रति कुंतल है। कृषि वैज्ञानिकों बताते है कि अगर काला गेहूं की खेती करनी है तो किसान 30 नवंबर तक इस गेहूं की बुवाई कर सकते हैं। और ढेर सारा मुनाफा लेना है तो सिर्फ शोधित बीज की ही बुवाई करें।

एंथोसाएनिन से होता है काला :- नेशनल एग्री फूड बायोटेक्नॉलजी इंस्टीट्यूट या ‘नाबी’ मोहाली ने काला गेहूं तैयार किया है। इस गेहूं का पेटेंट नाबी के खाते में है। इसका नाम नाबी एमजी रखा गया है। काले गेहूं कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोनिका गर्ग की रिसर्च है। रंग के बारे में बताते हुए डॉ. मोनिका गर्ग ने कहाकि, प्लांट पिगमेंट की वजह से फलों, सब्जियों और अनाजों में रंग आता है। काले गेहूं में एंथोसाएनिन नाम के पिगमेंट होते हैं। अधिक एंथोसाएनिन की वजह से फलों, सब्जियों, अनाजों का रंग नीला, बैंगनी या काला हो जाता है। एंथोसाएनिन नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट भी है। इसी वजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। नाबी ने काले के अलावा नीले और जामुनी रंग के गेहूं की किस्म भी विकसित की है।

सामान्य गेहूं से अधिक पोषक तत्व :- डॉ. मोनिका गर्ग ने आगे बताया कि, सामान्य गेहूं में पिगमेंट की मात्रा 5 से 15 पीपीएम के बीच होती है, परन्तु काले गेहूं में पिगमेंट की मात्रा 100 से 200 पीपीएम होती है। काले गेहूं में आम गेहूं की तुलना में 60 फीसदी अधिक आयरन होता है। और जिंक की मात्रा भी कुछ अधिक पायी जाती है। हालांकि, प्रोटीन, स्टार्च और दूसरे पोषक तत्व समान मात्रा में ही होते हैं।

12 बीमारियों में लाभप्रद :- ऐसा दावा किया जा रहा है कि काला गेहूं साधारण गेहूं से ज्यादा पौष्टिक है। काला गेहूं 12 बीमारियों में फायदेमंद है। जिनमे कैंसर, शुगर, मोटापा, कोलेस्ट्रोल, दिल की बीमारी, तनाव सहित कई बीमारियां हैं। डॉ. गर्ग का कहना है, यह तो तय है कि अपनी एंटीऑक्सीडेंट खूबियों की वजह से इंसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित होगा।

यूपी में काले गेहूं के दीवाने हो रहे किसान, लाखों का मुनाफा जानकर खिल जाएंगी आपकी बांछें

यूपी में काले गेहूं के दीवाने हो रहे किसान :- यूपी में कई जगह अब काले गेहूं की खेती की जा रही है। इसकी पैदावार और मुनाफा दिन प्रतिदिन किसानों का रुझान काले गेहूं की खेती करने के लिए बढ़ा रहा है। बदायूं, रायबरेली, बहराइच, बरेली जैसे कई जिलों में काले गेहूं की खेती की जा रही है। रायबरेली में इस साल लगभग 100 किसान काला गेहूं की बुवाई शुरू करने वाले हैं।

काले गेहूं की खासियत :- काले गेहूं की खेती की खासियत यह कि फसल का उत्पादन जहां अधिक होता है, वहीं बाजार में 4,000 से 6,000 हजार रुपए प्रति कुंतल के दाम पर बिकता है। बताया जा रहा है कि काले गेहूं की पैदावार एक बीघे में 1000 से 1200 किलो तक होती है।







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