यूपी में डेढ़ महीने बाद अनलॉक हुए मंदिर, दर्शन को लगी भक्तों की कतार


UP Temples unlocked: यूपी के ज्यादातर जिलों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद कोरोना गाइडलाइंस के साथ प्रदेश के मठ-मंदिरों के कपाट मंगलवार से खुल गए।

लखनऊ. UP Temples unlocked: यूपी के ज्यादातर जिलों में आंशिक कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद कोरोना गाइडलाइंस के साथ प्रदेश के मठ-मंदिरों के कपाट मंगलवार से खुल गए। हालांकि शासन की गाइडलाइन के अनुसार, श्रद्धालुओं को सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक ही भगवान का दर्शन और पूजन करने दिया जा रहा है। इसके अलावा हफ्ते में पांच दिन ही भक्तों को डबल मास्क लगाने के बाद ही मंदिर में जाने की अनुमति दी जा रही है। धर्मनगरी अयोध्या में रामलला, हनुमानगढ़ी के कपाट हों या वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर मंगलवार को सभी जगह कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए भक्त अपने आराध्य भगवान का दर्शन मंदिरों में करते दिखे। इसके अलावा लखनऊ के हनुमान सेतु मंदिर और मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर भी करीब डेढ़ महीने बाद भक्तों के लिए खोला गया। वहीं इस बीच साधु-संतों ने आम-जनमानस के लिए अपील जारी की है कि मंदिर आने के लिए वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी है। वैक्सीन लगवाने के बाद आप मठ-मंदिर, गुरुद्वारा या किसी भी धार्मिक स्थल जा सकेंगे।

अयोध्या में खुले मंदिरों के कपाट

धर्मनगरी अयोध्या में कोरोना महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते बंद मंदिरों के कपाट को भक्तों के लिए खोल दिया गया है। मंगलवार को सुबह से ही मंदिरों में भक्त अपने आराध्य का दर्शन करने के लिए पहुंचने लगे। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पांच-पांच की संख्या में श्रद्धालुओं को रामजन्मभूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ आदि मंदिरों में प्रवेश दिया गया। राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी सहित अयोध्या के सभी मंदिर भक्तों के लिए खुल गए हैं। जेष्ठ का पहला मंगल होने के नाते मंगलवार को भोर 4 बजे से ही भक्त अपने आराध्य हनुमान जी का दर्शन करने के लिए हनुमानगढ़ी पहुंचे। हनुमानगढ़ी में बाहर से ही एक लंबी कतार भक्तों की देखने को मिली। कोरोना गाइडलाइन के तहत पांच भक्तों को ही गर्भ ग्रह में एक बार में जाने की अनुमति मिल रही है। हनुमानगढ़ी के अंदर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी लंबी कतारों में खड़े भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग पालन करने की नसीहत देते भी दिखे। इनमें कई ऐसे श्रद्धालु भी थे जो कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद ही भगवान का दर्शन करने के लिए मंदिर में पहुंचे।

बांके बिहारी मंदिर भी खुला

मंगलवार से वृंदावन बांके बिहारी मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए भारी संख्या में पहुंचे। हालांकि एक बार में 5 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया गया। वृंदावन का इस्कॉन मंदिर भी मंगलवार से भक्तों के लिए खोल दिया गया। प्रवेश गेट नंबर दो से दिया गया। जहां सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम चार बजे से साढ़े छह बजे तक भक्तों ने दर्शन किया। प्रेम मंदिर के पट भी भक्तों के लिए जल्द खुल सकते हैं।

लखनऊ में भी खुले मंदिर

ज्येष्ठ के मंगल पर हनुमान सेतु मंदिर में उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा अपनी पत्नी के साथ दर्शन करने पहुंचे। हजरतगंज के दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में पुजारी ने श्रृंगार किया तो दर्शन के लिए श्रद्धालु भी पहुंचे। गर्भ गृह में प्रतिबंध के बीच श्रद्धालुओं ने दूर से ही पूजन किया। अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर में भी श्रृंगार के साथ ही मंदिर के कपाट तो खाेल दिए गए, लेकिन मंदिर में प्रवेश वर्जित रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर चबूतरे से बाबा के दर्शन कर मन्नत मांगी।

मां विंध्यवासिनी मंदिर में भी भक्तों ने किया दर्शन

मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर करीब डेढ़ महीने बाद मंगलवार से भक्तों के लिए खोला गया। शासन की गाइडलाइन के अनुसार श्रद्धालुओं ने सुबह सात बजे से लेकर शाम सात बजे तक माता के दर्शन और पूजन किये। सप्ताह में पांच दिन ही भक्तों को डबल मास्क लगाने के बाद ही मंदिर में जाने की अनुमति है। शनिवार और रविवार को कोरोना कर्फ्यू के कारण दर्शन पूजन भी बंद रहेगा।

बुधवार से खुलेंगे द्वारिकाधीश के पट

मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर के द्वार आम भक्तों के लिए बुधवार से खुलेंगे। बगैर मास्क के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर के अंदर आने पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी और उसके बाद सैनिटाइज किया जाएगा। एक गेट से भक्तों का प्रवेश होगा और दूसरे गेट से निकास की व्यवस्था की गई है। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट के मुताबिक ठाकुरजी की दो झांकी सुबह और दो झांकी शाम को खुलेगी, प्रथम झांकी 8:15 से 8:45 तक और द्वितीय झांकी 10:15 से 11:00 बजे तक और सायंकाल को 4:45 से 5:15 तक और 6:15 से सायं काल 7:00 बजे तक इस प्रकार 4 झांकियों में दर्शन होंगे। आरती भीतर होगी ताकि भीड़ न हो। परिक्रमा बंद रहेगी।

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