संगत को पवित्र यात्रा का इंतजार: श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा के लिए अभी और इंतजार करना होगा, ट्रस्ट सदस्यों का कहना-उत्तराखंड सरकार से बातचीत के बाद ही तारीख पक्की होगी 15

संगत को पवित्र यात्रा का इंतजार: श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा के लिए अभी और इंतजार करना होगा, ट्रस्ट सदस्यों का कहना-उत्तराखंड सरकार से बातचीत के बाद ही तारीख पक्की होगी

संगत को पवित्र यात्रा का इंतजार: श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा के लिए अभी और इंतजार करना होगा, ट्रस्ट सदस्यों का कहना-उत्तराखंड सरकार से बातचीत के बाद ही तारीख पक्की होगी 16


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चंडीगढ़एक घंटा पहले

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सिखों के पवित्र स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने में अभी और इंतजार करना होगा। 31 मई 2021 की फोटो - Dainik Bhaskar

सिखों के पवित्र स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने में अभी और इंतजार करना होगा। 31 मई 2021 की फोटो

  • ट्रस्ट की ओर से पहले 10 मई को तारीख रखी गई थी, कोविड और मौसम खराब हाेने के कारण यात्रा की तारीख टाली गई

श्री हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा के लिए अभी भी संगत को इंतजार करना होगा। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट की ओर से पहले इस साल 10 मई को पवित्र यात्रा शुरू करने की तारीख निश्चित की गई थी। लेकिन उसके बाद कोविड का प्रभाव और मौसम खराब होने के बाद यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब की 31 मई की फोटो।

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब की 31 मई की फोटो।

सरकार से निर्देश मिलने बाद तारीख तय होगी

ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा की ओर से कहा गया है कि उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रदेश में लगाया गया लॉकडाउन अभी हटाया नहीं गया है। कोविड को लेकर अभी कई तरह की पाबंदियां लगाई हुई है जिसके चलते यात्रा को शुरू करने में अड़चन आ रही है। बिंद्रा ने कहा कि जैसे ही सरकार की तरफ से चार धाम यात्रा को शुरू करने का संकेत मिलेगा उसके बाद पवित्र यात्रा को भी शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड और मौसम को देखते हुए भी संगत की जान को जोखिम में न डालने को लेकर भी यात्रा को अभी प्रारंभ करने का निर्णय नहीं लिया गया।

पवित्र सरोवर पूरी तरह से बर्फ से ढकी है

पवित्र सरोवर पूरी तरह से बर्फ से ढकी है

तैयारियां पूरी कर ली थी

सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 10 मई को खोलने को लेकर ट्रस्ट ने सभी तैयारियां पूरी कर दी थी। यात्रा मार्ग पर हेमकुंड साहिब जाने के लिए सेना के जवानों की ओर से रास्ते पर पड़ी बर्फ को साफ कर रास्ता बना दिया गया था लेकिन कोविड के कारण यात्रा शुरू नहीं की जा सकी।

गुरुद्वारा साहिब के पास जमी बर्फ

गुरुद्वारा साहिब के पास जमी बर्फ

पिछले साल केवल कुछ संख्या में संगत जा सकी थी

पिछले साल 2020 को श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा करने के लिए केवल 1500 के करीब संगत ही वहां जा सकी थी। उस समय यात्रा पर जाने के लिए संगत को कोविड जांच और कई तरह की परमिशन लेनी पड़ती थी जिसके कारण ज्यादा संख्या में संगत जा नहीं सकी थी और पवित्र यात्रा को कुछ समय के लिए खोला गया था। वैसे यात्रा मई से अक्टूबर तक हर साल चलती है।

15 हजार 200 फिट की ऊंचाई पर तीर्थ-स्थल

श्री गुरु गोविंद सिंहजी के पूर्व जन्म का तपस्थान गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमौली जिले में स्थित है। इसकी ऊंचाई 15200 फीट है। यहां पर 6 महीने तक बर्फ जमी रहती है। यहां पवित्र यात्रा को शुरू करने से पहले करीब डेढ़ महीने तक फौज के जवान बर्फ काटकर रास्ता बनाते हैं। इस बार पिछले सालों से बर्फ काफी ज्यादा है। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ही यहां की सारी व्यवस्था देखता है। ट्रस्ट की ओर से अभी तैयारी शुरू नहीं की गई है। ट्रस्ट के प्रमुख का कहना है कि सरकार की अनुमति के बाद तैयारियां शुरू की जाएंगी। मई से नवंबर के पहले सप्ताह तक यह यात्रा चलती है।

सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार

गुरुद्वारा श्री गोविंद घाट के सेवादार सेवा सिंह ने बताया कि यात्रा को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थी और रास्ते को बर्फ से साफ कर दिया गया था लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यात्रा को लेकर सरकार की ओर से अभी मंजूरी नहीं मिल है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद 2021 की पवित्र यात्रा को शुरू करने के लिए एक बार फिर से काम शुरू किया जाएगा। पिछले दिनों सेवा सिंह अपने साथियों के साथ गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में जाकर वहां की स्थिति को देख कर आए थे। सेवा सिंह बताते है कि गुरुद्वारा साहिब पर बर्फ जमी हुई है और पवित्र सरोवर पूरी तरह से बर्फ की आगोश में है। आसपास पर्वतों की चोटियों से गिरी बर्फ से ऐसा लगता है कि सब पवित्र स्थान पर मथा टेक रहे हैं। अभी वहां का तापमान माइनस डिग्री में है।

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